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Tuesday, 19 January 2016 15:00

इटली में हेलीकाप्टर रिश्वत मामले की सुनवाई शुरू

मिलान, 19 जनवरी (आईएएनएस)। इटली में एक अदालत ने विमानन कंपनी फिनमेक्केनिका के दो पूर्व अधिकारियों की याचिका पर सुनवाई शुरू कर दी है। इन दोनों अधिकारियों को 2010 में भारत के साथ 12 हेलीकाप्टरों के 56 करोड़ यूरो के सौदे में हिसाब में हेरफेर का दोषी करार दिया गया है। इस फैसले के खिलाफ दोनों पूर्व अधिकारियों ने अपील की है।

अक्टूबर 2014 में निचली अदालत ने कंपनी के पूर्व अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्यूसेप ओरसी और पूर्व प्रबंध निदेशक ब्रुनो स्पैगनोली को भारत के साथ अगस्तावेस्टलैंड हेलीकाप्टरों के सौदे में फर्जी बिल बनाने के आरोप में दो साल की निलंबित कैद की सजा सुनाई थी।

लेकिन, अदालत ने इस हाई प्रोफाइल सौदे के लिए भारत के एक पूर्व वायुसेना प्रमुख समेत कई अन्य भारतीय अधिकारियों को लाखों यूरो की रिश्वत देने के आरोप से इन दोनों पूर्व अधिकारियों को बरी कर दिया था।

दोनों पूर्व अधिकारियों ने किसी भी तरह की गलत कार्रवाई से इनकार किया है। संभावना है कि इनके मामले में फैसला अप्रैल तक आ जाएगा।

भारत ने 2013 में यह हेलीकाप्टर सौदा रद्द कर दिया था। यह कदम तब उठाया गया जब इटली में जांचकर्ताओं ने इस आरोप की जांच शुरू की कि अगस्तावेस्टलैंड ने 2010 में सौदा हासिल करने के लिए रिश्वत दी थी। फिनमेक्केनिका, हेलीकाप्टर बनाने वाली कंपनी अगस्तावेस्टलैंड की मालिक है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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Tuesday, 19 January 2016 10:10

पूर्वी फ्रांस में हिमस्खलन, 5 सैनिकों की मौत

पेरिस, 19 जनवरी (आईएएनएस/सिन्हुआ)। पूर्वी फ्रांस के सैवोए में सोमवार को हिमस्खलन में सेना के पांच जवानों की मौत हो गई। ये जवान अपनी दिनचर्या के तहत प्रशिक्षण और अभ्यास कर रहे थे।

फ्रांस के समाचारपत्र 'ले फिगारो' के अनुसार, अपराह्न् करीब दो बजे (स्थानीय समयनुसार) हुए हिमस्खलन में करीब 11 जवान फंस गए थे। हिमस्खलन सैवोए से 2,200 मीटर की ऊंचाई पर हुआ था।

बचावकर्मियों ने छह जवानों को बचा लिया है, जिनमें से चार को कोई चोट नहीं आई है।

फ्रांस के रक्षा मंत्री के मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण करने का अनुमान है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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Monday, 18 January 2016 19:50

गणतंत्र दिवस फ्लाई पास्ट के मद्देनजर स्वच्छता की अपील

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर 60 से 500 मीटर की ऊंचाई पर फ्लाई पास्ट किए जाने और पक्षियों से संभावित बाधा के मद्देनजर वायुसेना ने दिल्ली तथा आसपास के क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 26 जनवरी तक अपने क्षेत्र को स्वच्छ रखें तथा खाद्य सामग्री, कचरा, मृत पशु या कंकाल खुले में न डालें।

रक्षा मंत्रालय से जारी बयान के अनुसार, "नागरिकों से अनुरोध किया जाता है कि खुले में पाए गए कंकाल के बारे में नजदीकी वायुसेना इकाई तथा थाने को सूचित करें। फ्लाई पास्ट के मार्ग में आने वाले असुरक्षित क्षेत्रों में पालम, नजफगढ़ नाला, तिहाड़ जेल, युद्ध सामधि क्षेत्र तथा राष्ट्रपति भवन के आसपास के इलाके शामिल हैं।"

पक्षी कम ऊंचाई पर विमानों की उड़ान में जोखिम पैदा करते हैं। खुले में खाद्य सामग्री फेंके जाने से उन पर पक्षी मंडराते हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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Monday, 18 January 2016 19:40

आतंकवादी हमले संगठित युद्ध जैसे : पर्रिकर


नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि देश पर आतंकवादी हमले एक संगठित युद्ध की तरह हैं।

रक्षामंत्री से एक टीवी साक्षात्कार के दौरान मणिपुर में सैन्यकर्मियों पर हमले और उसके बाद भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित आतंकवादी शिविरों पर घुस कर किए गए हमले तथा हाल ही में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हुए आतंकवादी हमले के बारे में पूछा गया।

पर्रिकर ने कहा, "हमने निश्चित रूप से आतंकवादी शिविरों को नष्ट किया। लेकिन सामरिक कारणों से हम स्थानों का खुलासा नहीं कर सकते।"

पर्रिकर ने कहा, "निश्चित तौर पर हमने आतंकवादियों को संदेश दिया कि भारतीय सेना को इस तरीके से निशाना नहीं बनाया जा सकता। तुम लोग इस संगठित तरीके से ऐसा नहीं कर सकते। यह लगभग एक युद्ध जैसा है। यह 26/11 से कम नहीं था।"

आतंकवादियों ने मणिपुर में सेना के एक काफिले पर पिछले वर्ष चार जून को हमला किया था, जिसमें कम से कम 18 सैनिक मारे गए थे और 11 अन्य घायल हो गए थे। भारत ने त्वरित जवाबी कार्रवाई करते हुए कम से कम दो आतंकवादी शिविरों को नष्ट कर दिया। आधिकारिक रूप से कहा गया था कि ये शिविर भारत-म्यांमार सीमा पर स्थित थे।

पर्रिकर ने कहा, "हमारा मकसद उन्हें एक छोटे इलाके में घेर लेने का था और हम उन्हें खत्म करने में सफल रहे।"

पठानकोट हमले के बारे में पर्रिकर ने कहा, "पठानकोट मामले में हमने उन्हें घेर लिया और मार डाला।"

रक्षामंत्री ने हमले के कुछ दिनों बाद कहा था कि उन लोगों के साथ उसी तरीके से निपटा जाए, जो भारत को पीड़ा पहुंचाएं। उन्होंने अपनी इस टिप्पणी को स्पष्ट किया और कहा कि यह कोई नीतिगत निर्णय नहीं है।

उन्होंने कहा, "अपने शब्दों के बारे में मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह सरकार का कोई नीतिगत निर्णय नहीं है। यह मेरी भावना थी और एक रक्षामंत्री के रूप में इस घटना से मुझे पीड़ा पहुंची है। मैंने वह बात कही है, जो देश का आम आदमी महसूस करता है। बाद में मैंने एक दूसरी बात कही थी कि अभियान का स्थान और तरीका हम तय करेंगे। यह एक गुप्त अभियान है। मैं इस बारे में अधिक चर्चा नहीं करूंगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि लोग इसे हल्के में न लें।"

पाकिस्तान में हो रही गिरफ्तारियों से संबंधित खबरों के बारे में पूछे जाने पर रक्षामंत्री ने कहा, "मुझे लगता है कि यह कुछ इस तरह है जैसे वे हमें कुछ इस तरह की बात बताना चाहते हैं कि इस तरह की हरकत जारी नहीं रहेगी। लेकिन पूर्व के अनुभव के आधार पर मेरी खुद की आपत्ति है।"

पठानकोट में क्या सेना विफल रही, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "इसकी जांच की जाएगी। लेकिन सफलता यह है कि उन्हें (आतंकवादी) एक छोटे इलाके में घेर लिया गया।"

उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि पठानकोट अभियान विफल रहा।

पर्रिकर ने कहा, "मैं नहीं समझता कि यह पूरी तरह से विफल रहा, जैसा कि कुछ लोग बता रहे हैं। कुछ लोग ऐसे हैं जो किसी जीत को हार में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। अभियान में 38 घंटे लगे। उसके बाद तलाशी अभियान चला, जिसमें पुष्टि की गई कि वहां कोई (आतंकवादी) नहीं था।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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Monday, 18 January 2016 15:10

ओआरओपी : पूर्व सैनिकों का जेटली के घर से धरना खत्म

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) मुद्दे को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के आवास पर पूर्व सैनिकों का धरना खत्म हो गया है। पूर्व सैनिकों ने यह फैसला केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा के साथ रविवार देर रात हुई मुलाकात के बाद उठाया।

पूर्व सैनिकों ने सोमवार को धरना समाप्त करने की घोषणा की।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मिले निर्देश के बाद रविवार देर रात करीब 12.30 बजे पूर्व सैनिकों से मिलने जेटली के आवास पर पहुंचे। यह मुलाकात करीब 45 मिनट चली।

वित्त राज्य मंत्री ने पूर्व सैनिकों को बताया कि वन रैंक वन पेंशन योजना से संबंधित समस्याओं के निपटान के लिए बुधवार को एक बैठक होगी।

भारतीय पूर्व-सैनिक आंदोलन के प्रवक्ता कर्नल अनिल कौल (सेवानिवृत्त) ने कहा, "वित्त राज्य मंत्री ने हमारे सामने ही वित्त मंत्री को फोन किया, उन्होंने फोन नहीं उठाया। हालांकि वित्त राज्य मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि वह वित्त मंत्री से फिर बात करेंगे।"

सैकड़ों पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन मुद्दे पर पहले जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। वे सब रविवार सुबह 2, कृष्ण मेनन मार्ग स्थित जेटली के आवास पर धरने पर बैठ गए और पूरा दिन धरना जारी रखा।

सिन्हा की ओर से आश्वासन मिलने के बाद पूर्व सैनिक जंतर-मंतर लौट गए, जहां वे 14 जून, 2015 से ओआरओपी को लेकर धरना दे रहे हैं।

पूर्व सैनिक पिछले साल पांच सितंबर को केंद्र सरकार की ओर से की गई ओआरओपी योजना संबंधी घोषणा से नाखुश हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। पूर्व सैनिकों ने सैकड़ों की संख्या में केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के सरकारी आवास के बाहर यहां रविवार को धरना दिया और सरकार की वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना में बदलाव की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक सरकार का कोई व्यक्ति उनसे उनकी मांगों पर बात नहीं करता।

एक प्रदर्शनकारी ने आईएएनएस से कहा, "वित्तमंत्री के आवास के बाहर धरना सुबह लगभग नौ बजे शुरू हुआ। हम ओआरओपी पर जारी सरकारी अधिसूचना में खामियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।"

प्रदर्शनकारी ने कहा कि सात नवंबर, 2015 को जारी हुई ओआरओपी अधिसूचना में पूर्व सैनिकों के पेंशन की समीक्षा प्रत्येक पांच वर्ष पर करने की बात शामिल है, जबकि समीक्षा प्रत्येक वर्ष होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम तब तक यहां से नहीं हटेंगे, जब तक मंत्री या कोई सरकारी अधिकारी हमें हमारी मांग पर किसी कार्रवाई का भरोसा नहीं दे देता।" प्रदर्शनकारी ने कहा कि धरना रातभर जारी रहेगा।

प्रदर्शनकारी ने कहा कि दिल्ली और आसपास के इलाकों के 300 से अधिक लोग धरने में हिस्सा ले रहे हैं।

सरकार ओआरओपी की खामियों पर विचार करने के लिए एक न्यायिक समिति पहले ही नियुक्त कर चुकी है। समिति छह महीनों में अपनी रपट सौंप सकती है।

पूर्व सैनिक पिछले कई महीनों से अपनी मांग के समर्थन में जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आंदोलन पहले ओआरओपी पर सरकारी अधिसूचना जारी करने के लिए था और उसके बाद इसमें उचित संशोधन करने के लिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
बीजिंग, 17 जनवरी (आईएएनएस/सिन्हुआ)। चीन के लोक सुरक्षा मंत्री गुओ शेंगकुन ने रविवार को चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी चंद्र नववर्ष की छुट्टी के दौरान देश को आतंकवाद के खतरे से सावधान रहना चाहिए।

राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी समूह का नेतृत्व करने वाले गुओ ने एक टेलीवाइज्ड सम्मेलन में कहा कि पुलिस व सुरक्षा विभागों को देश के आतंकवाद रोधी कानूनों को समझना चाहिए और आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों पर कड़ी निगाह रखनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से आतंकवादी कृत्यों के रोकथाम के उपायों को मजबूत करने की अपील की।

चीन का आतंकवाद रोधी कानून एक जनवरी से प्रभाव में आया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

जेरूसलम, 17 जनवरी (आईएएनएस/सिन्हुआ)। विश्व शक्तियों तथा ईरान के बीच परमाणु समझौते के क्रियान्वयन की घोषणा के एक दिन बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका देश ईरान पर नजर रखना जारी रखेगा।

कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक की शुरुआत में नेतन्याहू ने रविवार को कहा, "ईरान द्वारा अंतर्राष्ट्रीय परमाणु समझौता तथा बैलिस्टिक मिसाइल समझौते के उल्लंघन पर इजरायल नजर रखना जारी रखेगा।"

पी5प्लस1 देशों (रूस, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस व जर्मनी) तथा ईरान के बीच परमाणु समझौते का नेतन्याहू लगातार विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को ईरान पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए और भविष्य में किसी भी उल्लंघन के लिए कड़े प्रतिबंध लगाने चाहिए।

नेतन्याहू ने कहा कि अब चूंकि ईरान पर से आर्थिक पाबंदियां हटा ली गई हैं, इसलिए यह देश अब आतंकवाद में खुले तौर पर शामिल होगा और क्षेत्र में आक्रामक रवैया अपनाएगा। उन्होंने कहा कि इजरायल किसी भी तरह के खतरे का सामना करने के लिए तैयार है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
फकीर बालाजी
बेंगलुरु, 17 जनवरी (आईएएनएस)। भारत ने स्वदेशी सामानों की मदद से सुपर कपैसिटर का विकास किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये सुपर कपैसिटर रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र के रणनीतिक उपयोग में ऊर्जा संबंधी कमियों को दूर करने के लिए विदेशी निर्भरता को कम करने में मददगार होंगे।

सेंटर फार मैटिरियल्स फार इलेक्ट्रानिक टेक्नोलॉजी (सी-एमईटी) के निदेशक अरुण सचदेवा ने आईएएनएस से कहा, "हमने रक्षा और अंतरिक्ष उपकरणों में विशिष्ट प्रयोग के लिए विभिन्न वोल्टेज के सुपर कपैसिटर बनाए हैं। यह सामान्य कपैसिटर के मुकाबले अधिक ऊर्जा संचित करते हैं और बैट्री की तुलना में अधिक तेजी से डिस्चार्ज होते हैं।"

सरकारी इलेक्ट्रानिक्स एवं संचार प्रौद्योगिकी विभाग के तहत आने वाले सी-एमईटी ने केरल के त्रिशूर प्रयोगशाला में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत सुपर कपैसिटर बनाए हैं।

सचदेवा ने हाल में एक इलेक्ट्रानिक सम्मेलन में कहा था, "परीक्षण और रणनीतिक उपयोग के लिए इनका मानकीकरण करने के बाद हम इस प्रौद्योगिकी का स्थानांतरण अपनी निगरानी में उत्पादन के लिए कर देंगे, ताकि इनका उपयोग औद्योगिक और उपभोक्ताओं की जरूरत के लिए भी हो सके।"

सचदेवा ने कहा, "टैंक और बंदूक जैसे रक्षा साजो-सामान में इस्तेमाल होने के साथ-साथ, सुपर कपैसिटर उपग्रह और राकेट लांचर जैसे अंतिरक्ष सामानों में भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।"

इनके अलावा सुपर कपैसिटर का इस्तेमाल बेहद महंगी कारों, लग्जरी बसों, तेज रफ्तार रेलगाड़ियों, क्रेनों और बहुमंजिला इमारतों की तेज लिफ्ट में किया जा सकता है।

सचदेवा ने कहा, "देश में सुपर कपैसिटर के इस्तेमाल की अपार संभावनाएं हैं। ये इलेक्ट्रोलाइटिक कपैसिटर के मुकाबले 10 से 100 गुना अधिक प्रति यूनिट ऊर्जा का संग्रह कर सकते हैं और इलेक्ट्रोलाइटिक कपैसिटर एवं रिचार्ज होने योग्य बैट्री के बीच के फर्क को भी दूर कर सकते हैं। "

सी-एमईटी की हैदराबाद और पुणे स्थित दो अन्य प्रयोगशालाओं में सुपर कपैसिटर बनाने की सुविधाओं के लिए दो से पांच करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
प्योंगयांग, 16 जनवरी (आईएएनएस/सिन्हुआ)। उत्तरी कोरिया ने शनिवार को एक बार फिर अपने हाइड्रोजन बम परीक्षण का बचाव करते हुए कहा कि उसने ऐसा 'आत्मरक्षा' में किया। साथ ही उसने अमेरिका से यह भी कहा कि वह उसे एक परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र माने।

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी और उसके बाद आधिकारिक समाचार पत्र 'रोडोंग सिनमुन' में प्रकाशित एक बयान में उत्तर कोरिया ने जोर देते हुए कहा कि उसने हाइड्रोजन बम परीक्षण कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता की रक्षा और जीने का अधिकार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया था।

बयान में कहा गया कि इस वर्ष उत्तर कोरिया का प्राथमिक लक्ष्य आर्थिक विकास और लोगों के जीवन-स्तर में सुधार है, जिसकी प्राप्ति के लिए इस समय अपेक्षाकृत अधिक शांतिपूर्ण वातावरण की आवश्यकता है।

बयान के मुताबिक, उत्तर कोरिया आर्थिक शक्ति बनने के लिए सभी कोशिशें कर रहा है और इसका इरादा किसी को भड़काने का नहीं है।

बयान में यह भी कहा गया है कि 'अमेरिका चाहे या नहीं, उसे उत्तरी कोरिया को परमाणु हथियार संपन्न देश मानना चाहिए।'

उत्तर कोरिया ने छह जनवरी को अपने पहले हाइड्रोजन बम परीक्षण की घोषणा की थी, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी आलोचना की। हालांकि कई देशों ने इस पर संदेह भी जताया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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