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इस बार आम फलेगा कम, बिकेगा महंगा


अजीत कुमार शर्मा
रायपुर, 19 जनवरी (आईएएनएस)। इस वर्ष जनवरी का महीना बीतने को है, लेकिन आम के पेड़ में अब तक बौर नहीं लगे हैं। इस कारण इस वर्ष आम के कम उत्पादन की संभावना है। आम फलेगा कम, तो लाजिमी है, काफी महंगा बिकेगा।

नर्सरी विशेषज्ञों की मानें तो आम के पेड़ पर फल का उत्पाद सीएन (कार्बोहाइड्रेट और नाइट्रोजन) अनुपात से तय होता है। इस वर्ष 'एन' अनुपात सक्रिय होने से आम उत्पादन की संभावना कम है और 'सी' अनुपात सुसुप्तावस्था में है, ऐसे में पेड़ पर फल व फूल के लिए अनुकूल प्रक्रिया नहीं चल रही है।

रायपुर के सहायक उद्यानिकी अधिकारी वी.के. गौतम और उद्यान अधीक्षक डी.एस. कुशवाहा ने बताया कि आम के वृक्ष में फलों का लगना और पेड़ का विकास सीएन अनुपात से तय होती है। पिछले वर्ष 'सी' अनुपात सक्रिय होने से आम का उत्पादन अच्छा हुआ था, लेकिन इस वर्ष 'एन' अनुपात सक्रिय है, जिससे पेड़ों पर बौर नहीं दिख रहा है।

उन्होंने बताया कि कार्बोहाइड्रेट जिस वर्ष सक्रिय होते हैं, उस वर्ष फूल और फल के लिए प्रक्रिया तेजी से होता है। यह प्रक्रिया इस वर्ष पेड़ पर दिखाई नहीं दे रही है। 'सी' अनुपात सुसुप्तावस्था में है, जबकि 'एन' अनुपात सक्रिय है, जिससे पेड़ में वनस्पति विकास तो हो रहा है, लेकिन फूल नहीं फूट रहे हैं। यही वजह है कि इस साल आम के पेड़ों में फल के उत्पादन कम होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बेंद्रानवा गांव में उद्यानिकी विभाग में आम की नर्सरी है। यहां आम के 24 तरह के पेड़ हैं। अधिकांश पेड़ों में इस वर्ष अब तक बौर नहीं लगा है। इस वजह से नर्सरी विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि इस वर्ष आम का उत्पादन कम होगा।

वहीं आम की नर्सरी लगाने वाले सलीम रोकड़िया, अशोक पवार व इंदल सिंह ने बताया कि इस वर्ष उनके भी आम के पेड़ों में अब तक बौर नहीं लगा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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    चीन अगले तीन साल में 4,300 कोयला खानों को बंद करना चाहता है, 70 करोड़ टन उत्पादन आधिक्य घटाना चाहता है और 10 लाख कर्मचारियों को दूसरे क्षेत्रों में स्थानांतरित करना चाहता है।

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    चाइना नेशनल कोल एसोसिएशन के उप प्रमुख जियांग झिमिन ने कहा कि आर्थिक सुस्ती, पुनर्गठन और पर्यावरण संरक्षण के कारण मांग घट रही है और घरेलू कोयला मांग 2014 में साल-दर-साल आधार पर 2.9 फीसदी कम रही थी। इसके 2015 में चार फीसदी कम रहने की उम्मीद है।

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    2015 के अंत तक चीन में करीब 11 हजार कोयला खानें थीं, जिनकी कुल क्षमता 5.7 अरब टन थी।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
  • कंबोडिया ने वापस मिले मूर्ति के सिर की प्रदर्शनी लगाई
    नोम पेन्ह, 21 जनवरी (आईएएनएस/सिन्हुआ)। प्राचीन हरिहर देवता की मूर्ति का लूटा गया 47 किलोग्राम वजनी सिर इस पर वापस लगा दिया गया है। मूर्ति को गुरुवार को कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह के राष्ट्रीय संग्रहालय में आमजन को दिखाने के लिए रखा गया।

    मूर्ति के सिर को 130 साल पहले कंबोडिया के एक मंदिर से लूट लिया गया था। मंगलवार को फ्रांस के गुइमेट संग्रहालय ने इसे कंबोडिया को लौटा दिया।

    कंबोडिया के उप-प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्री सोक ऐन ने गुरुवार को कहा, "मूर्ति का सिर और धड़ 130 साल पहले एक-दूसरे से अलग कर दिया गया था। आज इनका मिलना एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।"

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    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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