आईसेक्ट विश्वविद्यालय में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया गया

राज्य, स्वास्थ्य

भोपाल: 27 सितम्बर/ भौतिकीय चिकित्सा द्वारा शरीर को सही स्थिती में रखने पर शरीर की कई बिमारियों से राहत मिल सकती है। फिजियोथेरेपी एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है जिसकी आवश्यकता मानव समाज में हर उम्र के लोगों के लिए है। यह बात बतौर मुख्य अतिथि के रुप में डॉ. अजय फौजदार, सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट, नेताजी सुभाष चंद्र बोस शासकीय मेडिकल कालेज जबलपुर ने विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर आईसेक्ट विश्वविद्यालय में आईसेक्ट इंस्टिट्यूट आॅफ पैरामेडिकल साइंस द्वारा आयोजित कार्यशाला में कही।

इस अवसर पर बतौर विशेष अतिथि डॉ. मधुर चैधरी, सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट आॅल इंडिया इंस्टिट्यूट आॅफ मेडिकल साइंस (एम्स) भोपाल ने अपने संबोधन में कहा कि आजकल के आधुनिक युवा पीढ़ी की जीवन शैली व्यस्ततम हो गयी है एवं कम्प्यूटर और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों का उपयोग बढ़ गया है ऐसी स्थिती में सही पोश्चर में बैठने और काम करने का प्रशिक्षण सभी के पास हो तो कमर दर्द, पीठ दर्द, गर्दन के दर्द से सहज ही राहत मिल सकती है।

डॉ. अनंत सिंह सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट, नोबल हास्पिटल ने छात्रों को विषय पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस फिजियोथेरेपी की विधा में नयी तकनीक का प्रयोग भी लाभकारी है। जिसमें यू ट्यूब के माध्यम से नयी एवं प्रभावी कसरतों के द्वारा मांसपेशीयों के तनाव को कम किया जा सकता है एवं दर्द से राहत मिल सकती है।

डॉ. अनुभा सिंह, सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट, बंसल हास्पिटल ने फिजीयोथेरेपी का आईसीयू, एनआईसीयू में महत्व पर प्रकाश डाला व फिजियोथेरेपी में वर्तमान की संभावनाओं एवं कैरियर के लिए उचित मार्गदर्शन दिया।

इस मौके पर आईसेक्ट फिजीयोथेरपी डिपार्टमेंट के छात्रों ने पोस्टर कम्पिटीशन में भाग लिया और उन्हें सम्मानित किया गया। फिजीयोथेरेपी विषय पर स्पीच कम्पिटीशन का भी आयोजन किया गया जिसमें सभी छात्रों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया।

इस अवसर पर आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए के ग्वाल, कुलसचिव डॉ. विजय सिंह, प्रो. अमिताभ सक्सेना, डॉ. सी पी मिश्रा, डॉ. अविनाश सिंह, डॉ. सुमेधा रावरा, डॉ. स्वाति एवं ओमनारायण भी उपस्थित थे।

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