भारतीय फिल्मों का दायरा बढ़ा : टॉम हैंक्स

मनोरंजन
सुगंधा रावल
सिंगापुर, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। ऑस्कर विजेता हॉलीवुड अभिनेता टॉम हैंक्स का कहना है कि भारतीय सिनेमा अपने विस्तार और अलग तरीके से कहानी कहने की तकनीक के चलते अभी भी रहस्यमय है, हालांकि बॉलीवुड फिल्मों ने विदेशों में अपनी पैठ बना ली है।

यहां आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में हैंक्स ने कहा कि कई सालों तक उनके लिए हिंदी फिल्में बस अमिताभ बच्चन तक केंद्रित थीं। अमिताभ का गुडों को पीटना, सामान फेंकना वगैरह उनके समझ के बाहर थी। उन्होंने कहा कि अगर हर कोई सिनेमा की आम भाषा बोलना शुरू कर दे तो सिनेमा अपना प्रतिनिधत्व खुद कर सकेगा।

अभिनेता के अनुसार, चीनी और जापानी फिल्मों का पश्चिम में जबरदस्त प्रभाव है और वहां के कालाकार जैसे एंग ली आदि अमेरिका में काम कर रहे हैं।

हैंक्स ने कहा कि बॉलीवुड से परे या सत्यजीत रे की फिल्मों से परे सिनेमा को पश्चिम नहीं देख पाया, उन्होंने इसे समय पर निर्भर बताया।

अभिनेता के मुताबिक, "यह केवल समय की बात है, क्योंकि अब अमेरिका में लोग सब कुछ देख सकते हैं, बस यह आपके पास उपलब्ध होना चाहिए।"

हैंक्स ने 'इन्फर्नो' में इरफान खान के साथ काम किया है। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट की तरफ से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें भारतीय फिल्मों में काम करके खुशी होगी, लेकिन वह इसे सिर्फ नए बाजार की तलाश के लिए नहीं करना चाहते।

अभिनेता के अनुसार, "यह ताजमहल की छत पर चढ़ाई करना, या गुंडों को हेलीकॉप्टर से छलांग लगा कर पीटने जैसा नहीं होना चाहिए। यह अगले स्तर का होगा और मैं इसे करने के बारे में सोचूंगा।"

हैंक्स ने कम लागत से बनी 'ही नोज यू आर अलोन' (1979) से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी।

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