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हमें महासंघ ने नहीं बताया था कि 15 करोड़ रुपये देने होंगे : बजाज

Jul
20 2019

जगन्नाथ चटर्जी
नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। आई-लीग और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) को लेकर जारी विवाद ने जून में एक नया मोड़ ले लिया, जब अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) के महासचिव कुशल दास ने कहा कि 2010 में एआईएफएफ और एफएसडीएल के बीच हुए मास्टर राइट्स एग्रीमेंट (एमआरए) के अनुसार आईएसएल ही भारत की शीर्ष लीग होगी और एक ऐसी लीग होगी, जिसमें प्रमोशन और रेलिगेशन नहीं होगा।


मिनर्वा पंजाब के मालिक रंजीत बजाज ने हालांकि, कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

आईएएनएस से बात करते हुए बजाज ने कहा कि क्लब को जानकारी नहीं थी कि ऐसा कोई करार हुआ है, लेकिन महासंघ ने उनसे एक दस्तावेत पर हस्ताक्षर कराया और कहा कि भविष्य में अगर कोई लीग शुरू हुई तो शुरुआत में शायद उसका हिस्सा न हो।

बजाज ने कहा, "उन्होंने हमसे एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए जिसमें यह कहा गया कि अगर महासंघ ने कोई लीग शुरू की तो शुरुआत में हम उसका हिस्सा नहीं होंगे। लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा था कि शीर्ष लीग एक ऐसी लीग होगी जिसमें प्रमोशन या रेलिगेशन नहीं होगा और हमें उसका हिस्सा बनने के लिए हर साल 15 करोड़ रुपये देने होंगे।"

बजाज ने कहा, "एमआरए महासंघ के साथ साइन किया गया था और जिस क्लॉज 5.25 के बारे में वो बात करते हैं वो यह कहता है कि एफएसडीएल के पास देश की शीर्ष लीग बनाने का अधिकार है। लेकिन यह नहीं कहता कि शीर्ष लीग में प्रमोशन या रेलिगेशन नहीं होगा और वो एक फ्रेंचाइज लीग होगी जिसमें खेलने के लिए टीम को 15 करोड़ रुपये देने होंगे।"

गोकुलम एफसी के अध्यक्ष वी.सी प्रवीण ने भी बजाज की बातों को दोहराया।

प्रवीण ने कहा, "हम कठिनाईयों को सामना करके टीम नहीं बनाते अगर हमें पता होता कि हमें इस तरह की स्थिति का सामना करना होगा। महासंघ ने हमें मिनर्वा और चेन्नई सिटी एफसी का उदाहरण दिया जिसने पहले ही करार कर लिया था।"

उन्होंने कहा, "हमें महासंघ और एफएसडीएल के बीच हुए एमआरए में मौजूद इस क्लॉज के बारे में जानकारी नहीं थी। जब हमने एआईएफएफ के साथ करार किया तब हमें कहा गया कि यह अनिवार्य है। जब हमने कुछ क्लॉज को मानने से मना कर दिया तो महासंघ ने हमसे कहा कि आई-लीग में हिस्सा लेने के लिए यह अनिवार्य हैं और ये क्लॉज दुनियाभर में माने जाते हैं। उन्होंने हमें आईएसएल को शीर्ष लीग बनाने के बारे में नहीं बताया था।"

क्लबों ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी चिट्ठी लिखी थी।

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